इंदौर, 10 जून। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इस योजना में 30,900 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में वर्ष 2025-26 से 2034-35 तक किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले ऐसे मजरा-टोला जिनके 50 मीटर के दायरे में पहले से कोई बारहमासी सड़क नहीं है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। प्राथमिकता सूची सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सलाह पर तय होगी।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क पूर्णतः माफ करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश में तुअर दाल की उपलब्धता बढ़ेगी, परिवहन व रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इसके अलावा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के लिए 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाने का अनुमोदन दिया गया। ये हॉस्टल PPP मॉडल पर 40.59 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे।

बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति गठन की भी स्वीकृति दी गई, जो जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाओं का रोडमैप तैयार करेगी। समिति में सांसद, विधायक, महापौर, उद्योगपति, किसान आदि शामिल रहेंगे।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।