3 जून से पहले याचिका लगाने वाले छात्रों को मिलेगा दोबारा परीक्षा का मौका, रैंक केवल रिटेस्ट स्कोर से तय होगी
इंदौर, 30 जून 2025। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने NEET (UG) 2025 परीक्षा में इंदौर और उज्जैन के कई परीक्षा केन्द्रों पर आंधी-बारिश के कारण हुई बिजली गुल से प्रभावित छात्रों को बड़ी राहत दी है।
हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को आदेश दिया कि उन सभी छात्रों के लिए पुनः परीक्षा (रिटेस्ट) आयोजित की जाए जिन्होंने 3 जून 2025 (प्रोविजनल आंसर की जारी होने की तारीख) से पहले याचिका दायर की थी। कोर्ट ने साफ कहा है कि इन छात्रों की रैंक केवल रिटेस्ट के स्कोर पर आधारित होगी।
न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने माना कि बिजली कटौती भले ही कुछ समय के लिए रही हो, लेकिन इतनी बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कुछ मिनट की भी रुकावट छात्रों की मानसिक स्थिरता पर असर डाल सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई केन्द्रों पर 10 मिनट से लेकर 1 घंटे 20 मिनट तक बिजली गुल रही, जिससे छात्रों को अंधेरे या कम रौशनी में परीक्षा देनी पड़ी।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता मृदुल भटनागर ने बताया कि कोर्ट ने निर्देश दिया कि रिटेस्ट का परिणाम जल्द से जल्द घोषित कर परामर्श प्रक्रिया (काउंसलिंग) में शामिल किया जाए। हालांकि जो छात्र 3 जून के बाद याचिका लेकर आए, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
हाई कोर्ट के इस फैसले से परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले याचिका लगाने वाले करीब 110 से अधिक परीक्षार्थियों को राहत मिली है जो परीक्षा में बिजली कटौती के कारण अपने भविष्य को लेकर आशंकित थे। शासन की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सरकार का पक्ष रखा।
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