“एआई से जल सुरक्षा और टिकाऊ विकास संभव – मंत्री तुलसीराम सिलावट”
— जल संसाधन प्रबंधन पर संगोष्ठी में तकनीक के महत्व पर जोर
इंदौर, 26 जुलाई।
इंडियन जियोटेक्निकल सोसायटी (IGS) इंदौर चैप्टर द्वारा शनिवार को सोपा ऑडिटोरियम में “मध्यप्रदेश में जल संसाधन प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “Accelerating Madhya Pradesh: AI for Smart Cities and Sustainable Infrastructure” शृंखला का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य जल प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट तकनीकों की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था।
मुख्य अतिथि जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि एआई आधारित समाधान जल संकट से निपटने और सतत विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन, अमृत सरोवर और केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए जल संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
विशिष्ट अतिथि विधायक विष्णु खत्री और इंदौर स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह रहे। सेमिनार में आईआईटी कानपुर, आईआईटी इंदौर, आईआईटी धारवाड़ और आईपीएस अकादमी सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने वर्षा पूर्वानुमान, बाढ़ प्रबंधन, स्मार्ट सिंचाई और भू-जल निगरानी जैसे विषयों पर तकनीकी प्रस्तुतियां दीं।
मंत्री ने बताया कि राज्य की 207 नदियों और 47,000 से अधिक तालाबों के संरक्षण के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। संगोष्ठी में यह सहमति बनी कि पारंपरिक जल ज्ञान और उन्नत तकनीक का समन्वय ही जल समृद्ध और स्मार्ट मध्यप्रदेश की दिशा तय करेगा !
