500–600 परिवारों के पुनर्वास पर रोक; प्रशासन को नोटिस, मूलभूत सुविधाओं पर मांगी रिपोर्ट
जबलपुर, 19 अप्रैल 2026 न्यूज़ओ2
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की खंडपीठ ने मदन महल पहाड़ी क्षेत्र से विस्थापित किए जा रहे लगभग 500 – 600 परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक पुनर्वास प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने के निर्देश दिए।
अदालत ने कलेक्टर, एसडीएम और नगर निगम प्रशासन को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही न्यायालय ने निर्देशित किया कि प्रस्तावित पुनर्वास स्थल पर विस्थापित परिवारों के लिए आवास, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
याचिकाकर्ता ममता एवं अन्य की ओर से अधिवक्ता कृष्ण शरण कौरव ने पक्ष रखते हुए कहा कि परिवारों को स्थान परिवर्तन से आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रस्तावित स्थल पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, जिससे उनके जीवनयापन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि पुनर्वास के लिए चिन्हित स्थल सुनसान क्षेत्र में स्थित है, जहां न पर्याप्त आवास व्यवस्था है और न ही जरूरी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल, 2026 को निर्धारित की गई है।
