इंदौर, 19 अप्रैल। इंदौर में एकाग्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित “एक दिन का सीएम” नामक अनूठे कार्यक्रम में आम जनता को शासन की भूमिका में सोचने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रीतम लाल दुआ सभागृह, रीगल चौराहे पर किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने मतदान के माध्यम से एक दिन के मुख्यमंत्री का चयन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की आकांक्षाओं और सुझावों को नीति-निर्माण तक पहुंचाने का मंच उपलब्ध कराना था। इस श्रृंखला के पहले सत्र में एडवोकेट एवं विधि विशेषज्ञ डॉ. पंकज वाधवानी को आमंत्रित किया गया।

डॉ. वाधवानी ने बतौर संभावित मुख्यमंत्री पांच प्रमुख नीतिगत प्रस्ताव रखे। इनमें सख्त कानून व्यवस्था के जरिए भयमुक्त समाज, मुफ्त योजनाओं के स्थान पर आत्मनिर्भरता आधारित योजनाएं, स्टार्टअप के माध्यम से अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करना, कौशल एवं चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा प्रणाली और मुख्यमंत्री-जनता के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था शामिल रही।

विषय परिचय के दौरान उन्होंने शासन व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो जनता से संसाधन लेकर उन्हें वापस विकास के रूप में लौटाए। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए शेरों के माध्यम से अपनी बात रखी।

इंटरएक्टिव सत्र में श्रोताओं ने कई सवाल उठाए। मुफ्त योजनाओं पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं समाज को निर्भर बनाती हैं और दीर्घकाल में हानिकारक हो सकती हैं। आरक्षण पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मूल उद्देश्य कमजोर वर्गों को आगे लाना था, लेकिन जो वर्ग अब सक्षम हो चुके हैं, उनके लिए इसकी समीक्षा आवश्यक है।

सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल के जवाब में उन्होंने बिचौलियों की भूमिका को समस्या का प्रमुख कारण बताया और “डायरेक्ट सीएम कनेक्ट” जैसी पहल शुरू करने की बात कही, जिससे जनता का सीधा संवाद शासन से हो सके।

कार्यक्रम के अंत में हुई वोटिंग में कुल 117 प्रतिभागियों में से 105 ने डॉ. वाधवानी के विचारों का समर्थन किया, जिसके आधार पर उन्हें “एक दिन का मुख्यमंत्री” चुना गया।

एकाग्र फाउंडेशन का यह प्रयोग स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी आधारित शासन मॉडल की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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