भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कक्ष में खिंची गई इस तस्वीर में प्रदेश की राजनीति के चार दिग्गज चेहरे—कमलनाथ, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल और विष्णु दत्त शर्मा—एक ही फ्रेम में नजर आए।

चारों नेताओं का एक साथ दिखना महज औपचारिक मुलाक़ात है या फिर किसी बड़े सियासी समीकरण की झलक? यही सवाल अब राजनीतिक विश्लेषकों को उलझाए हुए है।


🔹 चार चेहरे, चार कहानियां

  • कमलनाथ: पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में छिंदवाड़ा से विधायक। पार्टी के भीतर सक्रिय लेकिन केंद्र से दूरी बढ़ती दिख रही है।
  • कैलाश विजयवर्गीय: भाजपा के संगठन के मजबूत खिलाड़ी, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव। इंदौर-1 से विधायक बने और शहरी प्रशासन मंत्री की भूमिका निभा रहे हैं।
  • प्रह्लाद सिंह पटेल: कभी केंद्र में मंत्री रहे, अब नरसिंहपुर से विधायक और राज्य में पंचायती राज मंत्री हैं। दिल्ली से भोपाल की ओर सियासी वापसी।
  • विष्णु दत्त शर्मा: 2020 से 2025 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे, अब केवल खजुराहो से सांसद हैं। संगठन से दूरी के बाद उनके अगले कदम पर चर्चा तेज है।

🔸 तस्वीर से उठते सवाल

  • क्या यह “रिटायरमेंट रीयूनियन” है, जिसमें पुराने चेहरे सिर्फ बीते दिनों की यादें बाँटने आए?
  • या यह “कमबैक कॉकटेल” है, जिसमें भविष्य की नई सियासत पक रही है?
  • सबसे बड़ा सवाल—कमलनाथ भाजपा नेताओं के साथ क्यों?
    क्या कांग्रेस छोड़ने की अटकलें अब सच होने वाली हैं?

🗣️ विश्लेषकों की राय

सियासी विश्लेषकों का कहना है कि यह तस्वीर केवल एक संयोग नहीं, बल्कि किसी “भावी समीकरण” का संकेत हो सकती है। इन चारों नेताओं ने पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित किया है। अब यदि ये चेहरे दोबारा सक्रिय भूमिका में लौटते हैं, तो मध्यप्रदेश की सियासी दिशा बदल सकती है।


📷 तस्वीरें बयान से ज्यादा बोलती हैं

राजनीति में चेहरे हमेशा भूमिका बदलते हैं—कभी सूत्रधार, कभी दर्शक। पर खेल खत्म नहीं होता… बस मैदान बदलता है।
अब देखना यह है कि यह फ्रेम भविष्य की स्क्रिप्ट है या केवल अतीत का एल्बम।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।