हरियाली, जलस्तर और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए पर्यावरणविदों ने प्रशासन को सौंपे ठोस सुझाव
इन्दौर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से घट रही हरियाली, गिरते भूजल स्तर और वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को देखते हुए पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल ने संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपे।
प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि 50 साल से अधिक पुराने वृक्षों का संरक्षण किया जाए, पेड़ों पर विज्ञापन बोर्ड लगाना पूरी तरह रोका जाए, बंद पड़ी कपड़ा मिलों में प्राकृतिक रूप से विकसित हरियाली को संरक्षित कर सिटी फॉरेस्ट विकसित किए जाएं और प्रत्येक वार्ड में एक बगीचे को चुनकर उसे सघन वन का रूप दिया जाए। साथ ही, ग्रीन बेल्ट और बगीचों से अवैध कब्जे हटाकर पौधारोपण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
जल संरक्षण पर बल
प्रतिनिधियों ने परंपरागत कुएं, बावड़ी और तालाबों के संरक्षण, पेयजल के दुरुपयोग पर रोक, नदियों के पुनर्जीवन, जल प्रदूषण में कमी और भूजल स्तर बढ़ाने हेतु ठोस प्रयास करने पर जोर दिया।
वायु गुणवत्ता सुधार की मांग
वायु प्रदूषण अध्ययन केंद्रों की संख्या बढ़ाने, पुराने वाहनों की नियमित जांच, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए लेफ्ट टर्न चौड़े करने और एकाकी मार्गों की संख्या बढ़ाने जैसे सुझाव भी दिए गए।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शहर की खाली जगहों पर पार्किंग बढ़ाने, वृक्षारोपण की सफलता दर सुधारने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने और सामूहिक वृक्षारोपण में देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, कपड़ा मिलों के तालाबों को संरक्षित करने और नदियों के पुनर्जीवन कार्यों में जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर पूर्व कलेक्टर सी. बी. सिंह, इंटक अध्यक्ष श्याम सुंदर यादव, अभ्यास मंडल अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता, डेवलपमेंट फाउंडेशन के आलोक खरे, पर्यावरणविद दिलीप वाघेला, यूनिवर्सल पीस सोसायटी के शफी शेख सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
