महापौर ने नागरिकों से साइकिल, टू-व्हीलर और ई-रिक्शा अपनाने की अपील

इंदौर, 16 सितम्बर। इंदौर 22 सितम्बर को तीसरी बार ‘नो कार डे’ मनाएगा। इस दिन शहरवासी कारों का उपयोग नहीं करेंगे और इसके स्थान पर साइकिल, टू-व्हीलर या ई-रिक्शा से यात्रा करेंगे।

शहर के प्रथम नागरिक और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ‘नो कार डे’ से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शहर में पेट्रोल-डीजल की खपत लगभग 15 प्रतिशत तक घटी और वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार दर्ज हुआ। इंदौर देश का पहला शहर है जिसने इस पहल को नियमित रूप से अपनाया है।

पिछले दो अवसरों पर ‘नो कार डे’ के आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिला और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। महापौर भार्गव ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए पर्यावरण-संवेदनशील परिवहन आदतों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि 22 सितम्बर को कार का उपयोग न कर वैकल्पिक साधनों को अपनाएं, जिससे ट्रैफिक दबाव घटे और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सके। महापौर ने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर इस बार भी ‘नो कार डे’ को सफल बनाकर देश में उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।