हाईकोर्ट जज से लेकर मंत्री और अफसर तक पैदल, साइकिल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहुंचे दफ्तर

इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के आह्वान पर सोमवार को शहर में तीसरे वर्ष भी नो कार डे मनाया गया। इस दौरान सड़कों पर 30 से 32 प्रतिशत कम कारें और बड़े वाहन उतरे। नतीजतन एक लाख लीटर पेट्रोल और 80 हजार लीटर डीजल की खपत कम हुई। इससे 445.4 मेट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई।

हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जनप्रतिनिधि, मंत्री, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी पैदल, साइकिल, ई-रिक्शा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे। महापौर ने भी पूरे दिन अपने कार्य दोपहिया वाहन से किए।

राजवाड़ा से पलासिया तक साइक्लोथॉन रैली निकाली गई जिसमें विश्वविद्यालय कुलपति सहित बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमी शामिल हुए। PM2.5 उत्सर्जन 144 किलोग्राम/दिन से घटकर 107 किलोग्राम/दिन रहा।

महापौर ने कहा कि इंदौर भारत का पहला शहर है जिसने नो कार डे की शुरुआत की। यह भविष्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साइकिल उपयोग बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।

आंकड़े:

  • 1 लाख लीटर पेट्रोल और 80 हजार लीटर डीजल की बचत।
  • कारों की संख्या में 30–32% की कमी।
  • पीएम 2.5 उत्सर्जन में 37 किलोग्राम/दिन की कमी।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।