इंदौर, 31 दिसंबर 2025: देश के स्वच्छतम शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल की आपूर्ति से सैकड़ों लोगों के बीमार होने और अब तक 8 लोगों की मौत के गंभीर मामले में बुधवार, 31 दिसंबर को इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अवकाशकालीन युगल पीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को तत्काल स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
इस मामले में अगली सुनवाई 2 जनवरी को निर्धारित की गई है।


कोर्ट के समक्ष इस प्रकरण में दो जनहित याचिकाएं प्रस्तुत की गई हैं। पहली याचिका हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष रितेश ईनाणी द्वारा दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि नागरिकों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए तथा दूषित पानी से बीमार हुए लोगों का निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए।


वहीं दूसरी जनहित याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग की तरफ से अधिवक्ता मनीष यादव द्वारा दायर की गई, जिसमें दूषित जल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में अधिवक्ता अभिनव धनोतकर इंटरवीनर के रूप में उपस्थित रहे। इस याचिका में intervener अधिवक्ता अभिनव धनोतकर हैं।


भागीरथपुरा की घटना ने एक बार फिर स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर में मूलभूत सुविधाओं की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें 2 जनवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट से और कड़े निर्देश आने की संभावना है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।