कॉंग्रेस की मांग- सीएम मोहन यादव माफी मांगे, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दें, महापौर पर मुकदमा हो दर्ज
11 जनवरी को ‘ न्याय यात्रा’ में हर नागरिक की भागीदारी की अपील
इंदौर, 09 जनवरी 2025: इंदौर शहर में गहराते पेयजल संकट,दूषित जल से हुई मौतों, बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था और हालिया हादसों को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और इंदौर नगर निगम पर सीधा हमला बोला है।
शुक्रवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा शासित नगर निगम और राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। साथ ही भागीरथपुरा दूषित जल कांड को लेकर 11 जनवरी को इंदौर में न्याय यात्रा में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया। पटवारी ने कहा कि यह राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि शहर के मुद्दों को लेकर आम नागरिक की यात्रा है, लिहाजा अधिक से अधिक संख्या में नागरिक इसमें शामिल हों।
पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर में कई क्षेत्रों में वाटर ऑडिट किया है जिसमें पानी दूषित पाया गया है। पटवारी ने हर नागरिक से अपने क्षेत्र अपने घर के पानी के टेस्ट की अपील की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर नगर निगम वर्षों से गीले और सूखे कचरे के नाम पर जनता को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कार्यकाल में इंदौर ने विकास की दिशा में बेहतर काम किया, लेकिन वर्तमान समय में शहर संगठित अपराध, हादसों और अव्यवस्थाओं का केंद्र बनता जा रहा है। पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप लगाए कि विजयवर्गीय ने सुमित्रा महाजन को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
पटवारी ने बावड़ी कांड, चूहा कांड, कफ सिरप कांड और भागीरथपुरा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ये सामान्य घटनाएं नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से उपजे गंभीर मामले हैं, जिन्हें संगठित अपराध की श्रेणी में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा महापौर ने देश और दुनिया में इंदौर की छवि को नुकसान पहुंचाया है। पटवारी ने पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर के इतिहास का “सबसे असफल महापौर” करार दिया और मुकदमा दर्ज करने की मांग की । साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अहंकारी बताया और नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।
सीएम इंदौर को लेकर गंभीर नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे इंदौर को लेकर गंभीर नहीं हैं और केवल औपचारिक दौरों तक सीमित हैं। इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने के मामले को लेकर भी पटवारी ने आपत्ति जताई और कहा कि इसकी औपचारिक शिकायत की जाएगी तथा संबंधित अधिकारी को हटाया जाना चाहिए।
निगम में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप
पटवारी ने कहा कि कभी स्वच्छता में देश में नंबर-1 रहने वाला इंदौर आज जहरीले पानी के कारण बदनाम हो रहा है। उन्होंने 2017–18 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उस समय नगर निगम का बजट करीब 56 हजार करोड़ रुपये था, जिसमें से 3700 करोड़ रुपये ड्रेनेज के लिए मिले। कॉंग्रेस का आरोप है कि पिछले 25 वर्षों में भाजपा सरकार ने इंदौर नगर निगम में करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उसका स्पष्ट हिसाब आज तक जनता के सामने नहीं रखा गया।
भागीरथपुरा कांड पर मोदी की चुप्पी
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया, जबकि छोटी-छोटी घटनाओं पर तुरंत ट्वीट किए जाते हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज से कराने, महापौर सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और शहर की जल व्यवस्था का रियल-टाइम ऑडिट कराने की मांग की।
‘पानी का अधिकार’ कानून बनाया जाए
प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नगर निगम में पानी से जुड़ी घटनाओं और मौतों की निगरानी के लिए एक अलग विभाग बनाया जाए , ‘पानी का अधिकार’ कानून बनाया जाये और इंदौर की जनता को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल की गारंटी दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, शहर कॉंग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, इंदौर ग्रामीण अध्यक्ष विपिन वानखेडे, उषा नायडू, भी मौजूद रहे।

