इंदौर। शहर के भागीरथपुरा और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पानी से मौतें और बड़ी संख्या में बीमार लोगों के बीच राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जब इंदौर की जनता जहरीले पानी और अव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था से जूझ रही है, तब भाजपा के मंत्री और मुख्यमंत्री भोजन भंडारों और आयोजनों में व्यस्त हैं। दरअसल 11 जनवरी को कॉंग्रेस ने बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा निकाली जिसमें आमजन के साथ प्रदेश भर से कॉंग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए।
कॉंग्रेस की न्याय यात्रा जब अहिल्या प्रतिमा पहुंची तब वहां वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित किया। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह बीजेपी का दुर्भाग्य है कि एक तरफ प्रदेश के कद्दावर मंत्री के क्षेत्र की जनता जहरीले पानी से मर रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा भंडारे के कार्यक्रम में व्यस्त है! उन्होंने कहा कि ये लड़ाई इंदौर की नहीं, पूरे प्रदेश की है। हम घर-घर जाकर, शुद्ध पेयजल मिल रहा है या नहीं, इसकी जांच करेंगे और इंदौर की जनता का मौलिक अधिकार शुद्ध पेयजल उन्हें उपलब्ध करवा कर रहेंगे।
भागीरथपुरा के बेगुनाह हिंदुओं की मौत पर भाजपा चुप क्यों- सिंघार
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने संबोधन में कहा कि मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि भागीरथपुरा के बेगुनाह हिंदुओं की मौत पर भाजपा चुप क्यों है? भाजपा के लोगों, मुख्यमंत्री, महापौर द्वारा इंदौर की जनता के साथ भेदभाव किया जा रहा है। मैंने शहर के कई क्षेत्रों का दौरा किया, वाटर चेकिंग की। इंदौर की जनता नर्क भोग रही है। पूरे शहर के लोग किडनी की खराबी और कैंसर के रोग से पीड़ित हो रहे हैं। इंदौर की जनता न्याय मांगती है। प्रदेश के 95 प्रतिशत किसान हिंदू हैं, उन्हें खाद नहीं मिल रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और भाजपा हिंदुओं की भलाई की बात कर रही है।
जहरीले पानी कांड के बाद सीएम ने इंदौर से बनाई दूरी – पटवारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने न्याय यात्रा मेँ भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में 22 वर्ष से भाजपा की सरकार है, 25 वर्षों से इंदौर में नगर निगम की परिषद है, 35 वर्षों से इंदौर में भाजपा के सांसद हैं। पूरे देश में स्वच्छता के मामले में इंदौर को जाना जाता है लेकिन इंदौर को सरकार स्वच्छ जल नहीं दे सकी। इंदौर की सड़कों व अवस्थित यातायात की वजह से बेगुनाह लोग मर रहे हैं और इंदौर के मंत्री व मुख्यमंत्री भाजपा के आयोजनों व भोजन भंडारों में व्यस्त हैं।
वाटर ऑडिट में सहभागी बनने की अपील
पटवारी ने सवालिया लहजे मे पूछा कि भागीरथपुरा में जहरीले पानी से लोगों की मृत्यु के बाद से मुख्यमंत्री इंदौर में दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं ? उन्होने आगे कहा कि वे जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हैं। मंत्री, महापौर से इस्तीफ़े की मांग के साथ ही महापौर पर तुरंत एफआईआर की मांग करते हैं, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि भाजपा यह होने नहीं देगी। आज हम घोषणा करते हैं कि इंदौर की जनता व प्रदेश को पानी का अधिकार यानि शुद्ध पेयजल का अधिकार दिला कर रहेंगे। हम तय करेंगे कि भविष्य का मध्यप्रदेश व इंदौर कैसा हो! उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से यह भी कहा कि आप सभी लोग इस बात का संकल्प लीजिए कि आप वाटर ऑडिट के कार्यक्रम सहभागी बनेंगे।
