इंदौर, 19 मार्च (न्यूजओ2) मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को जैन धरोहर घोषित करने और जैन समाज के अधिकारों से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ 20 मार्च 2026 को सुनवाई करेगी।
याचिकाकर्ता सलेक चंद जैन ने दावा किया है कि भोजशाला परिसर जैन धर्म से संबंधित प्राचीन धरोहर है और इसके समर्थन में पुख्ता ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं। याचिका में अम्बिका देवी शिलालेख तथा सरस्वती देवी सहित पांच जैन तीर्थंकरों की उत्कीर्ण आकृतियों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें जैन परंपरा से जुड़ा बताया गया है।
याचिका के अनुसार, संबंधित शिलालेख और मूर्तियां वर्तमान में ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित हैं और इन्हें जैन धर्म से संबंधित प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही “क्यूरेटर ऑफ एंशिएंट मॉन्यूमेंट्स ऑफ इंडिया” के अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा गया है कि भोजशाला परिसर जैन मंदिरों के अवशेषों से निर्मित है और इसकी स्थापत्य शैली माउंट आबू स्थित जैन मंदिरों से मेल खाती है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि कई इतिहासकारों और विशेषज्ञों ने अम्बिका को जैन धर्म की यक्षणी के रूप में प्रमाणित किया है, जिससे इस स्थल की जैन पहचान और मजबूत होती है।
मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने वाली है, जिसमें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों पर विचार किया जाएगा।
