इंदौर, 18 मार्च। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (पारस सकलेचा बनाम मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य) पर बुधवार को सुनवाई हुई, जिसमें तीन टोल सड़कों पर वसूली को चुनौती दी गई है।

रतलाम के पूर्व विधायक एवं सामाजिक कार्यकर्ता पारस सकलेचा द्वारा दायर इस जनहित याचिका में लेबड–जावरा, जावरा–नया गांव और भोपाल–देवास रोड पर टोल वसूली बंद करने की मांग की गई है।

याचिका में आरोप है कि इन तीनों सड़कों पर निर्माण लागत से करीब छह गुना तक टोल वसूली की जा चुकी है, जबकि नियमानुसार इससे अधिक वसूली नहीं की जा सकती।

याचिका में कहा गया है कि निर्धारित लागत की भरपाई के बाद भी टोल वसूली जारी रखना मनमाना और नियमों के विपरीत है, इसलिए संबंधित टोल नाकों को बंद किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इंदौर हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि संबंधित अनुबंध (एग्रीमेंट) को चुनौती नहीं दी गई है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट ने, दिसंबर 2024 में इसी तरह के एक अन्य मामले में टोल वसूली पर रोक लगाए जाने का हवाला देखते हुए, इस याचिका को पुनः सुनवाई के लिए इंदौर हाईकोर्ट को भेजने का निर्देश दिया।

बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष का कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी।

अब मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में निर्धारित की गई है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ द्वारा की गई।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।