मध्यप्रदेश के गुना जिले में वाहन चैकिंग के दौरान संदिग्ध नकदी मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। रूठियाई चौकी क्षेत्र में एक कार से कथित तौर पर एक करोड़ रुपए नकद मिलने के बाद पुलिसकर्मियों पर 20 लाख रुपए लेकर मामला रफा-दफा करने का आरोप लगा है। मामले में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात रूठियाई पुलिस चौकी पर वाहन चैकिंग चल रही थी। इसी दौरान एक कार से करीब एक करोड़ रुपए नकद बरामद होने की बात सामने आई। आरोप है कि नियमानुसार आयकर विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय चौकी स्तर पर ही 20 लाख रुपए में कथित समझौता कर वाहन और शेष राशि छोड़ दी गई।
मामले की जानकारी मिलने पर ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी मौके पर पहुंचे और रूठियाई चौकी व धरनावदा थाने में जांच की। प्रारंभिक जांच में पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध पाया गया और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई।
डीआईजी अमित सांघी ने बताया कि फिलहाल कोई औपचारिक शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं एसपी अंकित सोनी ने धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित वाहन एक बड़े जीरा कारोबारी से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में बाहरी हस्तक्षेप और कथित लेन-देन की रकम लौटाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और विभागीय कार्रवाई आगे भी बढ़ सकती है।
