रोहित गंगवाल बने स्वर्ण रथ के सारथी, 3 किमी लंबी भव्य शोभायात्रा ने शहर को किया मंत्रमुग्ध
संतों ने कहा – युद्ध जैसी परिस्थितियों में विश्व को महावीर के अहिंसा सिद्धांत की सख्त जरूरत
इंदौर। भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के अवसर पर इंदौर में समग्र दिगंबर जैन समाज द्वारा भव्य और ऐतिहासिक स्वर्ण रथ यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया किप्रातःकाल विभिन्न कॉलोनियों में भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा एवं प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इसके पश्चात दोपहर 2:30 बजे नवीन गोधा द्वारा शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।
शोभायात्रा के संयोजक नकुल पाटोदी और हर्ष जैन रहे। लगभग 3 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में 24 समाजों और विभिन्न जैन संगठनों ने भाग लिया। यात्रा में 7 भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। नरसिंहपुरा, परवार, खरौआ, बघेरवाल, विजयनगर, छावनी और सुदामा नगर सहित कई समाजों की सक्रिय सहभागिता रही।

शोभायात्रा मल्हारगंज, गोरा कुंड, खजूरी बाजार, राजबाड़ा और जवाहर मार्ग से होती हुई शाम 5:25 बजे कांच मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान बैंड-बाजों के साथ चार हाईटेक बग्घियां, 11 घोड़े और एक कृत्रिम हाथी भी शामिल रहा।
स्वर्ण रथ पर रजत पालकी में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा विराजित थी। पहली बार युवा वर्ग ने मयंक जैन के नेतृत्व में स्वर्ण रथ को खींचा, जबकि रोहित गंगवाल ने श्रद्धा और गरिमा के साथ रथ का संचालन किया।
यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत मंच बनाकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक मालिनी गौड़, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और सभी ने महावीर जन्म कल्याणक की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान “महावीर टाइम्स” पत्रिका का विमोचन हेमंत जैन द्वारा किया गया। धर्मसभा में 7 संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के संचालन में आयोजित सभा में संतों ने अहिंसा और “जियो और जीने दो” के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युद्ध की परिस्थितियों में विश्व को महावीर के सिद्धांतों की सख्त आवश्यकता है।
मुनि श्रीमाल सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाते हुए मांस, मद्य, मधु और पांच महापापों के त्याग का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाज के प्रमुख जनों सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में समाज के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और आनंद गोधा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
