महावीर के ‘जियो और जीने दो’ व अनेकांत दर्शन को वैश्विक चुनौतियों का समाधान बताया
इंदौर में संयुक्त मंच पर पहली बार दिगंबर-श्वेतांबर दोनों समाज एक साथ
चार समाजसेवियों का हुआ सम्मान
इंदौर, 29 मार्च 2026: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्राचीन जैन धर्म आज भी उतना ही प्रासंगिक और नवीन है, विशेषकर वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के दौर में भगवान Mahavir का ‘जियो और जीने दो’ तथा अनेकांत का दर्शन अत्यंत आवश्यक हो गया है। वे रविवार को इंदौर में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन एवं श्वेतांबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “महावीर अलंकरण समारोह” को संबोधित कर रहे थे। मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में दावा है पहली बार दोनों जैन समाज एक मंच पर एकत्र हुए और महावीर दर्शन पर व्यापक संवाद हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिगंबर और श्वेतांबर समाज की यह एकता न केवल सामाजिक समरसता को मजबूत करेगी, बल्कि अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह जैसे साझा मूल्यों के माध्यम से जैन धर्म की वैश्विक पहचान को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि संप्रदायिक विभेदों को समाप्त कर संवाद बढ़ाना आज के समय की आवश्यकता है, जिससे पर्यावरण संकट, वैश्विक तनाव और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
आयोजन समिति के अध्यक्ष स्वप्निल कोठारी ने अपने संबोधन में कहा,” भगवान महावीर ने विचार से बढ़कर चर्या दी। धर्म की मूल भावना यह जानना कि हम शरीर नहीं आत्मा हैं, यह बोध होते ही हमारी धार्मिक और आद्यात्मिक यात्रा शुरू हो जाती है। जो जैनत्व को मानते हैं वे सब जैन हैं,चाहे वे किसी भी धर्म,सम्प्रदाय, जाति के हों। शिक्षाविद कोठारी ने कहा कि वर्तमान विषम वैश्विक परिस्थितियों में भगवान महावीर के विचारों की प्रासंगिकता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसलिए यह कार्यक्रम सामाजिक एकता एवं विश्व बंधुत्व का सच्चा प्रतीक बन गया। उन्होंने सभी सहभागियों का आभार जताते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पहल भगवान महावीर के आदर्शों को साकार करने में मील का पत्थर साबित हुई।”
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, संतोष कुमार जैन और हसमुख जैन को “महावीर अलंकरण” से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मंत्री Tulsi Silawat, विधायक Ramesh Mendola तथा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे।
अग्निबाण के संपादक राजेश चेलावत ने कहा कि सच्चा जैन वही है, जो स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। कार्यक्रम का संचालन दिव्यादित्य कोठारी ने किया।
आयोजन समिति में स्वप्निल कोठारी, राजेश चेलावत, विजय मेहता, विमल नाहर, मनोहर झांझरी, प्रदीप चौधरी, राकेश विनायका, सुशील पांड्या, शिखरचंद बापना, मनीष सुराना और अमित कासलीवाल सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जैन समाज के बड़ी संख्या में उपस्थित महिला-पुरुषों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।
