इंदौर में नारद जयंती पर गोष्ठी, “भारतीय मीडिया में स्व का जागरण” पर मंथन
इंदौर, 03 मई 2026: इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित जीएसआईटीएस कॉलेज के ऑडिटोरियम में रविवार को देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर “भारतीय मीडिया में स्व का जागरण” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्व संवाद मालवा द्वारा किया गया, जिसमें एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
रविवार सुबह 10:30 बजे के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से लगभग 45 मिनट की देरी से ऑडिटोरियम में पहुंचे मुख्य अतिथि अमिताभ अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केवल मीडिया ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति में “स्व-बोध” का जागरण आवश्यक है। उन्होंने तीन प्रमुख बोध—स्व बोध, शत्रु बोध और मित्रता बोध—को समाज के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि इनके अभाव में बीते 200 वर्षों में भारत को कई बार नुकसान उठाना पड़ा है।
लगभग सवा घंटे अधिक के अपने उद्बोधन में अग्निहोत्री ने आगे भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वेद और पुराणों को लंबे समय तक मिथक कहकर नकारा गया, जबकि आज विज्ञान उन्हीं बातों की पुष्टि कर रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है, लेकिन सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब समाज स्वयं जागरूक हो।
अग्निहोत्री ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों के माध्यम से समाज में आत्मबोध की कमी पर चिंता जताई और कहा कि यदि समाज में स्व-बोध होता, तो अयोध्या जैसे मुद्दों के समाधान में इतना समय नहीं लगता। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय तलवार के युद्ध का नहीं, बल्कि बौद्धिक युद्ध का है।
कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं को अपने नायकों और इतिहास को सही रूप में जानने और उस पर गर्व करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही साधु-संतों से समाज में जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से पूर्ण परिवर्तन की अपेक्षा नहीं की जा सकती, समाज को स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने संघ के 100 वर्षों के योगदान पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में जो भी सकारात्मक परिवर्तन आए हैं, उसके पीछे संघ की मेहनत है। अग्निहोत्री ने वर्तमान परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह शिशु, बाल स्वयं सेवक बनाए जा रहे हैं तो आने वाले समय में गर्भस्थ स्वयं सेवक भी बनाए जाएँगे। उन्होने संगठन में आंतरिक शुद्धता और मूल्यांकन की आवश्यकता बताई।
एक प्रश्न के जवाब में अग्निहोत्री ने कहा कि यदि आपकी अभिव्यक्ति किसी “वेस्टेड इंटरेस्ट” से प्रेरित नहीं है तो मेरा अनुभव कहता है कि बहुत बड़ा खतरा कभी नहीं रहा न पहले न आज और अभी भी जो भी लोग जेल गए , प्रशासन जेल भेज सकता है लेकिन जेल में रख नहीं सकता। उन्होने दावा करते हुए कहा कि 100 में 99 लोग सुप्रीम कोर्ट से पहली सुनवाई में राहत लेकर आए और कोर्ट ने सरकारों को फटकारा भी कि आपकी आलोचना भारत की आलोचना नहीं है।
कार्यक्रम में इंदौर प्रेस क्लब तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की भी सहभागिता रही।
इसके बाद दोपहर 1 बजे एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री एक निजी होटल में आयोजित स्टेट प्रेस क्लब के भोज कार्यक्रम में भी शिरकत की। यहाँ पर उन्होने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दावा करते हुए कहा कि उनके क्लब के गठन का उद्देश्य समग्र रूप से पत्रकारों को शामिल करना है। उनका क्लब देश के चुनिन्दा शीर्ष अखबारों, पत्रकारों के लिए नहीं बल्कि सभी छोटे बड़े क्षेत्रीय पत्रकारों, संपादकों का क्लब है।
और यहाँ से रामबाग स्थित संघ कार्यालय भी जाएँगे जहां महिला शक्ति से चर्चा करेंगे ।
