भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश, पेयजल, छाया, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य
इंदौर, 04 मई 2026। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री शिवम वर्मा ने भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी औद्योगिक एवं निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश कारखाना अधिनियम, 1948, मध्यप्रदेश कारखाना नियम, 1962 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि श्रमिकों को स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक श्रमिक को प्रतिदिन न्यूनतम एक गैलन पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। पेयजल स्थल पर “पेयजल” स्थानीय भाषा में स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए तथा इसे शौचालय, नाली या अन्य प्रदूषण स्रोत से कम से कम 6 मीटर दूर रखा जाए।
जिन इकाइयों में 250 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, वहां मार्च से जून तक ठंडे पेयजल के लिए वाटर कूलर या अन्य समुचित व्यवस्था करना आवश्यक होगा। साथ ही कार्यस्थल से पेयजल केंद्र की दूरी 50 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आदेश के अनुसार श्रमिकों को धूप से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था, कार्य समय में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन तथा ओआरएस पाउडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी श्रमिक को लू लगने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार और नजदीकी अस्पताल में उपचार की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इन सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिभोगी, प्रबंधक या ठेकेदार की होगी। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है। 

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