गिटार चौराहा स्थित कंट्रोल रूम में उपनिरीक्षक-निरीक्षकों की कार्यशाला, तकनीक और बढ़ती अपेक्षाओं पर चर्चा
इंदौर, 24 अप्रैल 2026 (न्यूज O2):
इंदौर के गिटार चौराहा स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में शुक्रवार को शहर के सभी थानों के उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना रहा।
शाम करीब 5:30 बजे पहुंचे पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बैठक की शुरुआत एक सवाल से की—“पुलिस को टीम क्यों कहा जाता है?” इस पर आजाद नगर थाने में पदस्थ पुलिस कर्मी रचना परमार ने जवाब दिया कि एक पुलिसकर्मी पूरी टीम का प्रतिनिधित्व करता है। उनके इस जवाब की पुलिस कमिश्नर ने सराहना की।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि टीम का अर्थ है एक दिशा में काम करना और सामूहिक जिम्मेदारी निभाना, इसलिए पुलिस को टीम कहा जाता है। उन्होंने आधुनिक दौर में तकनीक के बढ़ते प्रभाव और जनता की बढ़ती अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में निरंतर सुधार लाने की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। बताया गया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस बल को अपडेट और सक्षम बनाया जा रहा है।
इस कार्यशाला को एडीपीओ अजय प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। लोक अभियोजक सिंह ने पुलिस अधिकारियों को धाराओं, विवेचना, साक्ष्य जैसी विषय वस्तु पर बारीकी से जानकारी दी।
(खबर अपडेट हो रही है)
