इंदौर, 10 मई,
शांति अवेदना ट्रस्ट, ICSR, IIPO और MPVHA के संयुक्त तत्वावधान में मातृ दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 प्रेरणादायी मातृ शक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन माताओं के संघर्ष, समर्पण और सामाजिक योगदान को मंच प्रदान करना था, जिन्होंने परिवार और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समारोह वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम.एस. गुजराल की अध्यक्षता तथा डॉ. एस.एस. नैय्यर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. राजीव चौधरी और डॉ. विजय छजलानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. गुजराल ने कहा कि सम्मानित मातृ शक्तियां शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, साहित्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं तथा स्वस्थ माँ ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. उषा गौर ने किया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. पद्मा सिंह, माया कौल, डॉ. रीता जैन, नीता वैष्णव, रेनू जयसिंघानी, डॉ. ऊर्विजा चौधरी, प्रतीक्षा पाठक, सोनाली वास्केल, रेखा किल्लेदार, मीनाक्षी अग्रवाल, प्रो. डॉ. उषा गौर और डॉ. रश्मि शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियों में साहित्य, शिक्षा, सामाजिक सेवा, चिकित्सा, प्रशासन, अंगदान जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन जैसे विविध आयाम शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान कई सम्मानित महिलाओं ने अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरक यात्राएं साझा कीं।
समारोह का एक विशेष आकर्षण जैव-विविधता संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी रही, जिसमें पर्यावरणविद् डॉ. अरुण खेर द्वारा अंडों के खोल पर निर्मित पक्षियों की दुर्लभ कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजक डॉ. एस.एस. नैय्यर ने कहा कि मातृत्व केवल परिवार की नींव नहीं, बल्कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम भावनात्मक, प्रेरणादायी और सामाजिक सरोकारों से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
