अब 1 अप्रैल 2026 तक मौका
इंदौर, 02 मार्च 2026।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जल-प्रदूषण तथा उससे उत्पन्न जन-स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की जांच कर रहे एकल सदस्यीय जांच आयोग ने साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब नागरिक, पीड़ित परिवार एवं संस्थाएं 1 अप्रैल 2026 तक आयोग के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता (पूर्व न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पूर्व में साक्ष्य, दस्तावेज, शपथ-पत्र एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी।
हालांकि, विभिन्न नागरिकों, प्रभावित परिवारों और संगठनों द्वारा समय-विस्तार का अनुरोध किए जाने तथा अधिक तथ्यात्मक सामग्री संकलित करने की आवश्यकता को देखते हुए आयोग ने विचारोपरांत समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था अपनी आपत्तियां, अभ्यावेदन, दस्तावेज अथवा साक्ष्य लिखित आवेदन या शपथ-पत्र के रूप में व्यक्तिगत रूप से अथवा पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रत्येक अभ्यावेदन के साथ संबंधित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य होगा।
आयोग ने यह भी कहा है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार किया जाना आयोग के विवेकाधिकार पर निर्भर रहेगा। सभी संबंधित पक्षों से उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों सहित समय-सीमा के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने की अपील की गई है, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, व्यापक एवं तथ्यपरक तरीके से पूर्ण की जा सके।
जांच आयोग का कार्यालय स्कीम-140, आरसीएम-10, फर्स्ट फ्लोर, आनंद वन, इंदौर में स्थित है।
