धार, 24 मई। Mohan Yadav से Hindu Front for Justice ने भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन को लेकर विभिन्न मांगें पूरी करने का आग्रह किया है। संगठन की ओर से मुख्य याचिकाकर्ता Ashish Goyal ने मुख्यमंत्री को पत्र एवं ईमेल भेजकर भोजशाला को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है।
आशीष गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में न्यायालय द्वारा भोजशाला को माँ सरस्वती मंदिर घोषित किए जाने के बाद 365 दिन पूजा प्रारंभ हुई है तथा शुक्रवार को नमाज भी नहीं हुई। उन्होंने इसे हिंदू पक्ष की बड़ी जीत बताया।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष Ranjana Agnihotri के मार्गदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता Harishankar Jain, Vishnu Shankar Jain तथा अधिवक्ता Vinay Joshi के माध्यम से भोजशाला मामले में जनहित याचिका WP 10497/2022 दायर की गई थी। इस प्रकरण में 15 मई 2026 को उच्च न्यायालय ने विस्तृत आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता आशीष गोयल के मुताबिक मुख्यमंत्री के धार प्रवास के दौरान भेजे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से ब्रिटिश म्यूजियम, लंदन से माँ वाग्देवी की प्रतिमा भारत लाकर पुनः भोजशाला में स्थापित करने की मांग की गई है। इसके अलावा भोजशाला परिसर में “माँ सरस्वती लोक” के निर्माण, उज्जैन-ओंकारेश्वर-महेश्वर-मांडू-धार-अमझेरा-इंदौर को जोड़ते हुए धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने तथा भोजशाला में वैदिक संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने का आग्रह भी किया गया है।
संगठन ने यह भी मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ समन्वय स्थापित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
