केंद्र सरकार की ईंधन नीति पर उठाए तीखे सवाल

नई दिल्ली, 12 मई 2026: कांग्रेस की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस बयान पर तीखा हमला बोला, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल विपणन कंपनियां कच्चा तेल और एलपीजी महंगी कीमत पर खरीदकर उपभोक्ताओं को कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, तब केंद्र सरकार ने उसका लाभ आम जनता तक पहुंचाने के बजाय भारी मुनाफाखोरी की। उन्होंने कहा कि रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने के बावजूद देशवासियों को राहत नहीं दी गई, जबकि चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचाया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 के बाद ईंधन पर कर वसूली के माध्यम से लगभग 36 लाख करोड़ रुपये अर्जित किए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने 14 बार उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) बढ़ाया, जबकि केवल तीन बार कटौती की, और राज्यों के साथ राजस्व साझेदारी भी सीमित रखी।

श्रीनेत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता 77.6 प्रतिशत थी, जो 2026 में बढ़कर 88.6 प्रतिशत हो गई। वहीं घरेलू कच्चे तेल उत्पादन 37.8 मिलियन मीट्रिक टन से घटकर 28 मिलियन मीट्रिक टन रह गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को कमजोर किया है और जनता पर बढ़ती महंगाई का बोझ डाला है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से ईंधन मूल्य निर्धारण, कर ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा नीति पर पारदर्शिता की मांग की है.

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