इंदौर में पत्रकारों से रूबरू हुए दिग्विजय

इंदौर, 18 अक्टूबर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना सरकार का कर्तव्य है और पुलिस का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर की भोपाल के रोशनपुरा में भूख हड़ताल का उल्लेख किया।

स्टेट प्रेस क्लब के 17 अक्टूबर को आयोजित रूबरू कार्यक्रम में न्यूजओ2 और इंदौर वार्ता प्रतिनिधि द्वारा विरोध प्रदर्शनों के स्वरूप, उनके कारणों और समाधान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की भूख हड़ताल के दौरान वह स्वयं मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मेधा पाटकर से बातचीत की और समस्या का समाधान किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ऐसे अनेक उदाहरण रहे हैं, जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद कर समस्याओं का निराकरण किया।

कांग्रेस नेता ने दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं के धैर्य और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने की सराहना की। सिंह के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जनसमस्याओं के समाधान के लिए संवाद और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देनी चाहिए। पुलिस अंतिम विकल्प होता है।

इसी क्रम में श्री सिंह ने उनके कार्यकाल में बेतूल में पुलिस द्वारा किसानों पर गोली चलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बहुत शर्म आती है, कि उनके कार्यकाल में इस तरह की घटना हुई। उन्होने दुख प्रकट करते हुए कहा कि उनकी बिना जानकारी के ये घटना घटित हुई जिस पर उन्होने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की थी।

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