इंदौर, 28 मार्च 2026।
इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दलित एवं आदिवासी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि कथित पुलिस कार्रवाई में गरीब मजदूर युवकों के साथ मारपीट कर झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 11 बजे की बताई जा रही है, जब चार मजदूर युवक—यश वघिले, प्रथम करोसिया, तुषार चौहान और ऋतिक सांकले—को विदुर नगर चौराहे से पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए उठाया गया। आरोप है कि तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और विरोध करने पर युवकों के साथ मारपीट की गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवकों को थाने के पीछे ले जाकर कथित रूप से पिटाई की गई और छोड़ने के एवज में ₹25,000 की मांग की गई। राशि नहीं देने पर तीन युवकों के खिलाफ धारा 151 के तहत तथा एक किशोर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मामले में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा सहित संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस घटना को लेकर अखिल भारतीय श्री बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में दलित समाज ने विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। समाज के प्रतिनिधि 29 मार्च को दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
