25-26 फरवरी को सामूहिक अवकाश, 27 से आंदोलन की चेतावनी
अनूपपुर | 24 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर ने कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन में जिले के पटवारियों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए 25 एवं 26 फरवरी 2026 को सामूहिक अवकाश पर रहने तथा मांगें पूरी न होने की स्थिति में 27 फरवरी से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में वेतन रोकने, निलंबन, अवैध अर्थदंड और कार्यस्थल पर दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। (दस्तावेज संदर्भ: )
वेतन रोकने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच विभिन्न आदेशों के माध्यम से पटवारियों का वेतन रोका गया। संघ का आरोप है कि:
- जुलाई 2025 में एक माह का वेतन रोका गया
- 27 अगस्त 2025 को पुनः आदेश जारी हुआ
- 29 सितंबर 2025 को फिर वेतन रोका गया
- 30 जनवरी 2026 को भी वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया
संघ का कहना है कि लगभग 8 माह से वेतन अवरुद्ध होने से पटवारियों और उनके परिवारों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अर्थदंड को बताया विधि-विरुद्ध
ज्ञापन में उल्लेख है कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 38 पटवारियों पर कुल ₹2,64,625 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
संघ का आरोप है कि यह दंड बिना विधिसम्मत प्रक्रिया और बिना अपील के अवसर के लगाया गया, जो लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की भावना के विपरीत है।
30 पटवारियों के निलंबन का मुद्दा
संघ के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच लगभग 30 पटवारियों को बिना कारण बताए निलंबित किया गया। इनमें से 9 पटवारी अभी भी निलंबित हैं।
संघ ने सभी निलंबनों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
अन्य आरोप
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि:
- तहसील बैठकों में देर रात तक कार्य कराया जाता है
- अवकाश के दिनों में भी दबाव बनाया जाता है
- कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना एवं स्वामित्व योजना का भुगतान लंबित है
संघ ने इन परिस्थितियों को “आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना” बताया है।
आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि:
- 25 एवं 26 फरवरी 2026 को प्रदेशभर के पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
- मांगें पूरी नहीं होने पर 27 फरवरी 2026 से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने कहा है कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन अनूपपुर की होगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया प्रतीक्षित
इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण आता है तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
