वाराणसी, 23 मार्च 2026 (एजेंसी)। गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने के मामले में वाराणसी की अदालत ने 14 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि आरोप गंभीर और गैर-जमानती प्रकृति के हैं।
मामले में आज़ाद अली, आमिर कैकी, दानिश सैफी, मोहम्मद अहमद, नेहाल अफरीदी, महफूज़ आलम, मोहम्मद अनस, मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद तहसीम, मोहम्मद अहमद उर्फ राजा, मोहम्मद नूर इस्माइल, मोहम्मद तौसीफ अहमद, मोहम्मद फैजान और मोहम्मद समीर को जमानत देने से इनकार किया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों को जमानत देने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। इससे पहले 19 मार्च को कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिसके बाद से वे वाराणसी जिला जेल में बंद हैं।
यह मामला उस समय सामने आया जब गंगा में नाव पर इफ्तार करते हुए आरोपियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें धार्मिक भावनाएं आहत करने और नदी को प्रदूषित करने के आरोप लगाए गए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। बाद में जांच के दौरान जबरन वसूली और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा भी जोड़ी गई।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपियों को व्यक्तिगत द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया है और उनके पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया और कहा कि मामले की जांच जारी है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
