इंदौर, 25 मार्च 2026
आईआईटी इंदौर ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से तीन नए अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इनमें एप्लाइड एंड इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री में बैचलर ऑफ साइंस (BS), एनवायरनमेंटल इकोनॉमिक्स एंड सस्टेनेबल इंजीनियरिंग में बी.टेक. तथा बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड डेटा साइंस में बी.टेक. शामिल हैं। संस्थान के अनुसार, ये कार्यक्रम अंतःविषय शिक्षा, तकनीकी नवाचार और वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं।
रसायन विज्ञान विभाग द्वारा प्रस्तावित चार वर्षीय बी.एस. कार्यक्रम रासायनिक विज्ञान की मजबूत नींव के साथ इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और एप्लाइड एलिमेंट्स को समाहित करेगा। इसमें एआई/एमएल, मॉलिक्यूलर इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल एवं फार्मास्यूटिकल्स तथा एनर्जी एंड मटेरियल्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता दी जाएगी। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश JEE Advanced के माध्यम से होगा और ऑटम 2026 से 20 सीटें उपलब्ध रहेंगी।
इसी क्रम में, 30 सीटों वाले बी.टेक. कार्यक्रम एनवायरनमेंटल इकोनॉमिक्स एंड सस्टेनेबल इंजीनियरिंग को इंजीनियरिंग, जलवायु एवं जल विज्ञान और पर्यावरणीय अर्थशास्त्र के समेकित अध्ययन के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे ग्रेजुएट तैयार करना है जो सतत विकास से जुड़ी जटिल चुनौतियों का समाधान कर सकें।
वहीं, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड डेटा साइंस में 30 सीटों वाला बी.टेक. कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा, इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते समन्वय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह कोर्स एआई और डेटा साइंस को बायोमेडिकल सिद्धांतों के साथ जोड़ते हुए उन्नत मेडिकल उपकरणों, स्मार्ट वियरेबल्स और डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करने में सक्षम पेशेवर तैयार करेगा।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुहास एस जोशी ने कहा कि ये नए कार्यक्रम भविष्य के ऐसे नेतृत्वकर्ता तैयार करने की दिशा में कदम हैं जो बहुविषयक समझ के साथ जिम्मेदार नवाचार कर सकें और राष्ट्रीय व वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों में योगदान दें।
संस्थान का मानना है कि इन नए पाठ्यक्रमों के साथ वह बहुविषयक और भविष्योन्मुखी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।
