पहले वैकल्पिक जगह दें, फिर हटाएं’— इंदौर के सब्जी व्यापारियों की प्रशासन से गुहार
इंदौर, 14 जुलाई 2026 : मध्य प्रदेश के इंदौर के नंदबाग-टिगरिया बादशाह क्षेत्र में वर्षों से सब्जी बेचकर परिवार चलाने वाले सैकड़ों ठेला व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। नगर निगम द्वारा क्षेत्र से सब्जी विक्रेताओं को हटाने की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को करीब 30 से 40 सब्जी विक्रेता कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वे कई दशकों से इसी क्षेत्र में सब्जी का व्यवसाय कर रहे हैं, लेकिन अब नगर निगम उन्हें वहां से हटाने का दबाव बना रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि निगम की ओर से उन्हें कोई वैकल्पिक स्थान भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
मामले में स्थानीय रहवासियों ने भी सब्जी विक्रेताओं का समर्थन किया है। सब्जी वालों के साथ मौजूद एक स्थानीय रहवासी ने बताया कि यहां प्रतिदिन शाम को सब्जी बाजार लगता है, जबकि शुक्रवार को लगने वाली साप्ताहिक हाट में 200 से अधिक सब्जी विक्रेता व्यापार करते हैं। लगभग 10 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र के लोगों को यहीं से आसानी से सब्जियां मिल जाती हैं। यदि बाजार हटता है तो आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
जनसुनवाई के दौरान तहसीलदार ने सब्जी विक्रेताओं का आवेदन प्राप्त कर उसे नगर निगम को अग्रेषित कर दिया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक सभी सब्जी विक्रेता अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के अपर आयुक्त कार्यालय में डटे हुए थे।
इस पूरे मामले पर अधिवक्ता एन. एल. तिवारी ने कहा कि प्रशासन किसी भी व्यक्ति को उसके जीविका उपार्जन के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं कर सकता। यदि सार्वजनिक व्यवस्था के लिए विक्रेताओं को हटाना आवश्यक है तो उनके पुनर्वास और वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करना प्रशासन की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है।
