लगातार हादसों से नाराज जनता, एमवाय अस्पताल से लेकर सड़कों तक सरकार विरोधी प्रदर्शन, चक्का जाम

इंदौर: इंदौर में हाल ही के दिनों में हुए हादसों और लापरवाही के चलते नागरिकों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। शहर में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन और चक्का जाम की स्थिति बन रही है। हालात ऐसे हैं कि सांसद और विपक्षी नेता भी आक्रोश जाहिर कर रहे हैं, मगर जनता का कहना है कि नेताओं की चेतावनियां जमीन पर असर नहीं दिखा रहीं।

जयस का विरोध, अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग

बीते दिनों इंदौर में एक के बाद एक बड़े हादसों ने प्रशासन और सरकार की लापरवाही को उजागर कर दिया है। कुछ दिन पहले सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच में चूहों द्वारा नवजात बच्चियों को कुतरने की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस घटना के विरोध में रविवार को जयस कार्यकर्ताओं ने एमवाय अस्पताल में सरकार विरोधी नारे लगाए और अधीक्षक व एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन को हटाने की मांग उठाई।

एयरपोर्ट रोड पर ट्रक हादसा, सरकार पर मौतें छुपाने का आरोप

इसके बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से दो दिन पहले `15 सितंबर को एयरपोर्ट रोड पर हुए भीषण ट्रक हादसे ने स्थिति और भड़काई। नशे में धुत्त ट्रक चालक ने कई लोगों को रौंद डाला। सरकार ने आधिकारिक आंकड़े में केवल 3 मौतें बताईं, लेकिन विरोध प्रदर्शन में खुलासा हुआ कि असल में 3 से ज्यादा लोगों की जान गई है। तो वहीं  इस हादसे में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देश पर शनिवार को उन्नत ईलाज के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। गुस्सा इस बात पर भी है कि हादसे के वक्त वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर 48 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन घटना के दौरान कहीं नहीं दिखे। मृतकों के परिजनों ने बड़ागणपति पर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाए कि प्रशासन ने ट्रक हादसे में महज 3 मौतें उजागर की हैं लेकिन इससे अधिक लोगों की हादसे में जान गई है।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर पहुंचे, घायलों से मिले और संवेदनाएं व्यक्त कीं। कलेक्टर कार्यालय में पूर्व निर्धारित ‘प्रेस से चर्चा’ के दौरान हादसे पर सवाल पूछने वाले एक पत्रकार की नौकरी चली गई, जिससे मीडिया जगत में भी रोष है।

इसी बीच, हादसों की कड़ी में भाजपा विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी बस ने बुधवार रात एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना पर विधायक गोलु शुक्ला का विवादित बयान सामने आया कि “मोटरसाइकिल खड़ी बस से टकरा गई”। रविवार को सांवेर रोड पर मृतकों के रिशतेदारों और करणी सेना ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

इंदौर में लगातार हादसों और लापरवाह प्रशासनिक रवैये ने जनता का सब्र तोड़ दिया है। अस्पतालों से लेकर सड़कों तक गुस्से की लहर है। सवाल अब यह उठ रहा है कि नेताओं की चेतावनियों और बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई कब होगी?

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।