हाईकोर्ट ने कहा– सरकार कार्रवाई के लिए स्वतंत्र

भोपाल, 14 सितंबर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रायसेन जिले के सिलवानी स्थित सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र सिंह पटेल द्वारा निजी प्रैक्टिस किए जाने के मामले में सरकार को कार्रवाई के लिए स्वतंत्र कर दिया है।

प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जब प्राथमिक शिक्षक राघवेन्द्र सिंह रघुवंशी ने अपने तबादले के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी मां के इलाज संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जो डॉ. पटेल की निजी क्लिनिक से जारी पाए गए। इस पर हाईकोर्ट की जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया की बेंच ने कलेक्टर रायसेन को जांच के आदेश दिए थे।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि डॉ. पटेल सरकारी सेवा में रहते हुए वेतन और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस प्राप्त कर रहे थे, इसके बावजूद निजी प्रैक्टिस कर रहे थे।

मामला जस्टिस विवेक जैन की बेंच में आया। सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता आकाश श्रीवास्तव और आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता डी.के. त्रिपाठी ने पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा कि डॉ. पटेल ने नियमों का उल्लंघन किया है और अब सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

अदालत ने इस टिप्पणी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।