निजीकरण, विनिवेश और श्रम संहिताओं के खिलाफ देशभर में हड़ताल
इंदौर। केंद्र सरकार की श्रम एवं जनविरोधी नीतियों के विरोध में 9 जुलाई को देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य संस्थानों के निजीकरण, विनिवेश, बढ़ती आउटसोर्सिंग और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ यह देशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। बैंक कर्मियों की 13 प्रमुख मांगों के साथ ही, केंद्रीय श्रम संगठनों की चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, न्यूनतम रु.26,000 मजदूरी, सभी को रु.9000 पेंशन और पुरानी पेंशन योजना की बहाली सहित कुल 17 सूत्री मांगों के समर्थन में यह हड़ताल की जा रही है।
म. प्र. बैंक एम्प्लाईज़ एसोसिएशन के चेयरमेन मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया, “यह हड़ताल सिर्फ बैंककर्मियों की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों कामगारों, कर्मचारियों और किसानों की आवाज़ है, जो जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ी है।”
इंदौर में बैंककर्मी 8 जुलाई को शाम 5:15 बजे बैंक ऑफ इंडिया, यशवंत निवास रोड शाखा परिसर में विरोध प्रदर्शन करेंगे और 9 जुलाई को सुबह 10:30 बजे गांधी हाल परिसर में आंदोलन करेंगे। बुधवार को बैंकिंग और बीमा सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। 18 करोड़ से अधिक श्रमिकों और कर्मचारियों की यह हड़ताल विश्व की सबसे बड़ी आम हड़तालों में से एक होगी।
