खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए एक कदम: महिला आयोग का ‘तेरे मेरे सपने’ कार्यक्रम
इंदौर। राष्ट्रीय महिला आयोग ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और विवाह संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रि-मेरिटल कम्यूनिकेशन सेंटर-‘तेरे मेरे सपने’ की व्यापक पहल शुरू की है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने इंदौर में रेजीडेंसी कोठी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि बीते आठ महीनों से चल रहा यह कार्यक्रम युवाओं को विवाह के पहले सही मार्गदर्शन प्रदान करने पर केंद्रित है, ताकि दंपत्ति अपना वैवाहिक जीवन समझदारी और खुशहाली के साथ आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि आजकल कई बार परिवार या समाज के दबाव में लोग शादी तो कर लेते हैं, लेकिन वैवाहिक जीवन की अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों को ठीक से समझ न पाने के कारण रिश्तों में तनाव पैदा हो जाता है। यदि शादी से पहले संवाद और काउंसलिंग हो, तो अनावश्यक टूटन रोकी जा सकती है और रिश्ते मजबूत बन सकते हैं।
देशभर में 60 स्थानों पर शुरू हुए संवाद केंद्र
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा ने बताया कि आयोग के द्वारा देश में अभी तक 60 स्थानों पर विवाह पूर्व संवाद केंद्र शुरू हो चुके हैं। इन केंद्रों में वे युवा आते हैं जिनकी जल्द शादी होने वाली है, जो शादी करने का विचार कर रहे हैं, या जो विवाह संबंधी समझ को और गहरा बनाना चाहते हैं। उन्होने आगे कहा कि यहाँ उन्होने होने वाली सास और होने वाली बहू के बीच भी संवाद करवाया है ताकि शादी से पहले ही एक स्वस्थ और समझपूर्ण रिश्ता विकसित हो सके।
शादी सिर्फ रस्मों का नहीं, दो परिवारों के मिलन का विषय
रहाटकर ने कहा कि भारतीय समाज में शादी अधिकतर जेवरों और रस्मों के इर्द-गिर्द सिमट जाती है, जबकि असली ज़रूरत दो व्यक्तियों और दो परिवारों की उम्मीदों, जिम्मेदारियों और व्यवहारगत अपेक्षाओं को समझने की है। जब युवा शादी को गंभीरता से समझने लगते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुगम और खुशहाल होता है।
राज्यों को केंद्र शुरू करने का अनुरोध
रहाटकर ने आगे कहा कि इंदौर में आयोजित बैठक में सभी कलेक्टर्स और डिवीजनल कमिश्नरों से अपने-अपने जिलों में इस तरह के संवाद केंद्र शुरू करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएंगे। उम्मीद है कि आने वाले एक महीने में कई जिलों में नए केंद्र शुरू हो जाएंगे।
मॉनिटरिंग खुद करेगा राष्ट्रीय महिला आयोग
रहाटकर ने कहा कि कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मेंटोरिंग, मॉनिटरिंग और ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ही की जा रही है, ताकि हर केंद्र में पेशेवर और संवेदनशील काउंसलिंग उपलब्ध हो सके।
