इंदौर, न्यूज़O2। छिंदवाड़ा जिले के परासिया में विषैला कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस गंभीर घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. सोनी ने निजी प्रैक्टिस के दौरान जिस मेडिकल स्टोर से बच्चों को दवाएं लिखीं, वह उनके क्लीनिक के पास और उनके ही रिश्तेदार का बताया जा रहा है।

चिकित्सा आयुक्त तरुण राठी ने देर रात निलंबन आदेश जारी किया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि डॉ. सोनी द्वारा लिखी गई दवाएं लेने के बाद बच्चों को तेज बुखार, पेशाब में कठिनाई और किडनी फेल जैसी गंभीर समस्याएं हुईं, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। यदि डॉक्टर ने सही जांच कर उचित उपचार किया होता तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

आरोप है कि डॉ. सोनी ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में गंभीर लापरवाही बरती, जिससे अपूरणीय क्षति हुई और विभाग की छवि धूमिल हुई।

निलंबन काल में डॉ. सोनी का मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर संभाग रहेगा।

यह दर्दनाक हादसा परासिया क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और दवाओं की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।