नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की National Security Act (NSA) के तहत की गई निवारक हिरासत को रद्द कर दिया है। प्रशासनिक आदेश जारी कर उनकी नजरबंदी समाप्त कर दी गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मामले की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही वांगचुक पर लागू NSA की कार्रवाई वापस ले ली गई है।
सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, नवोन्मेषक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वे हिमालयी पारिस्थितिकी, जल संरक्षण और लद्दाख से जुड़े पर्यावरणीय और संवैधानिक मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के पीछे जनमत, क्षेत्रीय संवेदनशीलता और सरकार की सार्वजनिक छवि जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वांगचुक की हिरासत को लेकर नागरिक समाज और पर्यावरण समूहों की ओर से आलोचना भी सामने आई थी।
हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर फैसले के विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन इसे प्रशासनिक समीक्षा के बाद लिया गया कदम बताया जा रहा है।
