लैंडिंग पेज व्यूअरशिप बाहर, डुअल ऑडिट अनिवार्य; सैंपल साइज बढ़ेगा, डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता पर सख्ती


नई दिल्ली, 27 मार्च 2026
Ministry of Information & Broadcasting ने देश में टीवी दर्शक मापन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से TV Rating Policy (TRP) 2026 अधिसूचित कर दी है। नई नीति में रेटिंग एजेंसियों के संचालन, ऑडिट, डेटा सुरक्षा और निगरानी के लिए व्यापक दिशानिर्देश तय किए गए हैं।

नीति के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब “लैंडिंग पेज” से मिलने वाली व्यूअरशिप को TRP गणना से बाहर रखा जाएगा और इसे केवल मार्केटिंग टूल के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे कृत्रिम तरीके से TRP बढ़ाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

नई व्यवस्था के अनुसार, रेटिंग एजेंसियों को अपनी कार्यप्रणाली सार्वजनिक करनी होगी और डेटा संग्रहण व उपयोग में Digital Personal Data Protection Act 2023 का पालन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डुअल ऑडिट सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें नियमित आंतरिक ऑडिट के साथ वार्षिक बाहरी ऑडिट भी जरूरी होगा।

दर्शक मापन की सटीकता बढ़ाने के लिए सैंपल साइज को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। मीटर वाले घरों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.2 लाख तक करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे केबल, डीटीएच, ओटीटी और कनेक्टेड टीवी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के व्यवहार को समग्र रूप से मापा जा सके।

नीति में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए रेटिंग एजेंसियों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, हितों के टकराव को रोकने के लिए एजेंसियों के बोर्ड में कम से कम 50 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशकों की अनिवार्यता तय की गई है।

शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत किया गया है। एजेंसियों को 10 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान करना होगा और अपील के लिए अलग प्रावधान किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें रेटिंग निलंबन से लेकर पंजीकरण रद्द करने तक की सजा शामिल है।

सरकार का कहना है कि नई नीति से टीवी रेटिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, विज्ञापन बाजार को विश्वसनीय डेटा मिलेगा और प्रसारण क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह कदम TRP में गड़बड़ी और संभावित घोटालों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नीति 2014 की मौजूदा गाइडलाइंस का स्थान लेगी और देश में एक अधिक भरोसेमंद तथा आधुनिक दर्शक मापन तंत्र स्थापित करेगी।