संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने वेनेज़ुएला से जुड़े घटनाक्रम पर संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की, सुरक्षा परिषद में आपात चर्चा

न्यूयॉर्क। वेनेज़ुएला में अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी बैठक आयोजित की गई, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अंडर-सेक्रेटरी जनरल रोज़मेरी डिकार्लो ने महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का आधिकारिक बयान पढ़कर सुनाया।

BBC हिंदी के अनुसार, गुटेरेस ने कहा कि वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई के मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसे लेकर वे “बेहद चिंतित” हैं। उन्होंने आगाह किया कि ऐसी कार्रवाइयाँ वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए गलत मिसाल कायम कर सकती हैं।

रोज़मेरी डिकार्लो ने परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि वेनेज़ुएला की स्थिति बेहद नाज़ुक है, लेकिन अब भी एक बड़े टकराव को टाला जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ते अपनाने की अपील की। इस बीच, रूस के प्रतिनिधि ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

बताया गया है कि अमेरिका के एक विशेष सैन्य दस्ते ने शनिवार तड़के वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास से मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहाँ उन पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े आरोपों में मुक़दमा चलाया जा रहा है। हालांकि, मादुरो इन आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं और इसे वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार पर क़ब्ज़े का बहाना बताते आए हैं।

इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद की भूमिका पर पूरी दुनिया की नज़र टिकी हुई है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।