गुरुभूमि पर होगा चातुर्मास
राजेश जैन दद्दू, इंदौर
हाल ही में पट्टाचार्य पद ग्रहण करने के बाद श्रमण संस्कृति के महामहिम युवा संत एवं श्रेष्ठ चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज वर्ष 2025 का चातुर्मास अपने समाधिस्थ दीक्षा गुरु गणाचार्य विराग सागर जी की जन्मभूमि पथरिया में करेंगे। यह चातुर्मास नव-निर्मित विरागोदय तीर्थ पथरिया में आयोजित होगा, जो आचार्य श्री के दीक्षा गुरु की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से स्थापित किया गया है।
आचार्य श्री का यह 34वां चातुर्मास होगा, किंतु पट्टाचार्य पद प्राप्त करने के बाद पथरिया में यह उनका पहला चातुर्मास है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज सागर से ससंघ (25 पिच्छिका) पद बिहार करते हुए आगामी 2 जुलाई, बुधवार को पथरिया में एवं 5 जुलाई को विरागोदय तीर्थ पथरिया में मंगल प्रवेश करेंगे।
चातुर्मास से पूर्व 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव तथा 11 जुलाई को वीर शासन जयंती का आयोजन आचार्य श्री के सानिध्य में किया जाएगा। इसके पश्चात 12 जुलाई, शनिवार को दोपहर में विराग विशुद्ध चातुर्मास के मंगल कलश की स्थापना विधि-विधानपूर्वक संपन्न होगी।
इस अवसर पर देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पथरिया पहुंचने की संभावना है। दद्दू ने बताया कि इंदौर से भी सैकड़ों गुरु भक्त इस मंगल अवसर पर शामिल होने पथरिया जाएंगे।
