इंदौर, 25 जून 2025 :
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान—“ऐसा समाज बनाएँगे जहां अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म आएगी”—पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बड़ा बयान दिया है। वे आपातकाल का काला अध्याय कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे। इस दौरान बुधवार सुबह उन्होने ब्रिलिएंट कन्वेन्शन सेंटर में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
उनसे जब गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा कि तकनीक बदलाव लाएगी।
डॉ. त्रिवेदी ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, :आज की डिजिटल तकनीक बाइनरी कोड (0 और 1) पर आधारित है, जिसमें ऐसी भाषाएँ सहज होती हैं जिनमें मात्रा या ध्वन्यात्मक जटिलता न हो। लेकिन आने वाला युग डिजिटल कोडिंग पर नहीं टिकेगा।
“नेक्स्ट इमर्जिंग टेक्नोलॉजी वॉइस कमांड की होगी। वॉइस कमांड बढ़ेगा तो फोनेटिक रीच वाली भाषाएं उभरेंगी। और जब भाषाओं की ध्वनि-वैज्ञानिकता और कंपन (वायब्रेशन) की रिसर्च होगी तो संस्कृत, हिंदी और भारतीय भाषाओं की ताकत दुनिया के सामने आएगी । “
उन्होंने दावा किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण भाषा-विज्ञान में जिस रिसर्च को 50 साल लगते, वह 5 साल में पूरी हो जाएगी।
“विज्ञान उन पर हंसेगा जो आज हम पर हंसते हैं। जैसे गाय के गोबर, हर्बल दवाओं और पर्यावरण की पूजा को पहले अवैज्ञानिक कहा गया और आज वही वैज्ञानिक माना जा रहा है, वैसे ही भारतीय भाषाओं की वैज्ञानिकता भी साबित होगी।”
डॉ. त्रिवेदी ने आगे कहा, “अमित शाह जी का बयान हवा में नहीं है। भारत और भारतीयता को वो वैज्ञानिक मान्यता मिलने वाली है, जो अवैज्ञानिक होगा उसको अपने आप शर्म आने लगेगी। वक्त भारत का आने वाला है।”
