📍 इंदौर, 06 अगस्त 2025

भारत सरकार द्वारा इंदौर नगर निगम को शहर के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत दिए गए अरबों रुपये की राशि में हुए कथित घोटाले की जांच से CBI ने इनकार कर दिया है। अब यह मामला मध्यप्रदेश लोकायुक्त को सौंप दिया गया है।

पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने अभिभाषक डॉ. मनोहर दलाल के माध्यम से अप्रैल 2025 में CBI को विस्तृत शिकायत और दस्तावेज सौंपे थे, जिसमें नगर निगम इंदौर पर केंद्र सरकार की योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायत में दर्ज प्रमुख आरोप:

  1. कान्ह-सरस्वती नदी सफाई: लगभग 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर केवल दिखावटी काम कर भुगतान कर दिया गया।
  2. सीवरेज प्रोजेक्ट: लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि ड्रेनेज लाइनों के नाम पर खर्च, हाल ही में फर्जी बिलों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।
  3. प्रधानमंत्री आवास योजना: घटिया निर्माण कर गरीबों को ठगा गया, गुणवत्ता से समझौता।
  4. स्मार्ट सिटी योजना: 500 करोड़ रुपये खर्च के बावजूद अपूर्ण व घटिया निर्माण कार्य।
  5. अमृत योजना (I व II): क्रमशः 1100 करोड़ और 2600 करोड़ रुपये मिलने के बाद भी कार्य अधूरा।
  6. AICTSL: बस खरीद, संचालन और विज्ञापन में भारी भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी।
  7. अन्य समस्याएं: जल-जमाव, टूटी सड़कों, गंदा पानी, मच्छरों का प्रकोप, ट्रैफिक अव्यवस्था, आदि से जनता त्रस्त।

शिकायतकर्ता दिलीप कौशल ने आरोप लगाते हुए कहा,“केंद्र सरकार ने इंदौर को विकास के लिए धन तो दिया, लेकिन नगर निगम ने भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े से इन योजनाओं को खोखला बना दिया। टैक्स देने के बाद भी नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। CBI को शिकायत इसलिए की थी क्योंकि मामला केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़ा है।”

CBI ने अब यह कहते हुए जांच करने से इनकार कर दिया है कि यह मामला लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में आता है, और शिकायत को मध्यप्रदेश लोकायुक्त के पास जांच हेतु भेज दिया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी दे दी गई है, और वे विधिक परामर्श के बाद अगली कार्रवाई की तैयारी में हैं।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।