इंदौर में 123 स्थानों पर हुए हिंदू सम्मेलन, चार लाख से अधिक लोगों की सहभागिता का दावा
इंदौर,18 जनवरी 2026:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर महानगर में रविवार को 123 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया आगे की हिंदू सम्मेलन आयोजन समितियों के तत्वावधान में संपन्न इन कार्यक्रमों में संपूर्ण महानगर से चार लाख से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की।


सम्मेलनों के सभी परिसरों में हिंदू संस्कृति, परंपरा और एकता के मनोहारी दृश्य देखने को मिले। विभिन्न बस्तियों में आयोजित सम्मेलनों में संत समाज, मातृशक्ति तथा संघ के वक्ताओं ने अपने उद्बोधनों में हिंदू समाज के संगठन और एकता के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि समाज जब संगठित होकर एकत्व के भाव से आगे बढ़ता है, तो उसकी समस्याओं का समाधान स्वतः संभव हो जाता है।


वक्ताओं ने भारत की सांस्कृतिक महानता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आत्मा उस वृद्ध माता की भावना में निहित है, जो कभी अपने गांव से बाहर न गई हो, फिर भी अपने पूजन में “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भाव हो और विश्व का कल्याण हो” की कामना करती है। सम्मेलनों में ‘पंच परिवर्तन’ के विषयों को परिवार सहित संकल्प लेकर नित्य आचरण में अपनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने इसे भारत के सामाजिक और राष्ट्रीय उत्थान के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।


बजरंग नगर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में अपने उद्बोधन में जैन संत श्री राजेश मुनि महाराज ने कहा कि समाज जब संगठित होता है, तभी वह शक्तिशाली बनता है। सत्य को परेशान किया जा सकता है, पर पराजित नहीं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी सत्य का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म, हिंदू धर्म की परंपरा का ही एक अभिन्न अंग है और संगठित होना ही हमारे समक्ष सबसे बड़ा प्रश्न और समाधान दोनों है।


सम्मेलनों के दौरान योग, भजन, नृत्य नाटिका एवं राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ। अंत में सभी स्थानों पर समरसता सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों के परिवारों ने सहभागिता की।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।