डिजिटल सेंसरशिप का आरोप: 6 हफ्तों में 9 AI वीडियो सरकार ने हटाए
नई दिल्ली, 19 फरवरी 2026: All India Congress Committee (AICC) की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन Supriya Shrinate ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi सार्वजनिक मंचों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बात करते हैं, लेकिन विपक्ष द्वारा बनाए गए AI वीडियो से घबराकर उन्हें हटवाया जा रहा है। इस दौरान उन्होने देश की राजधानी दिल्ली में हो रहे एआई समिट की कुव्यवस्था पर भी सवाल उठाए और एक निजी यूनिवर्सिटी द्वारा चाइना रोबोट को खुद का रोबोट होने के क्लेम पर सूचना प्रसारण मंत्री आश्विन वैष्णव को भी आड़े हाथों लिया।
6 हफ्तों में 9 AI वीडियो हटाने का दावा
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से डरते हैं। थर-थर काँपते हैं। मोदी और उनकी बीजेपी सरकार सच से इतना डरती है कि सच के नाट्य रूपान्तरण से भी खौफ खाते हैं। कांग्रेस का दावा है कि पिछले छह सप्ताह में पार्टी के 9 AI-जनरेटेड वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाए गए। श्रीनेत ने कहा कि सभी वीडियो में स्पष्ट AI डिस्क्लेमर और पूरे समय “AI Generated” लिखा था। वीडियो कानूनी दायरे में बनाए गए थे और किसी को गुमराह करने का प्रयास नहीं था। इसके बावजूद केंद्र और भाजपा शासित राज्यों—बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र—की पुलिस द्वारा हटाने के आदेश भेजे गए।
कांग्रेस के अनुसार, वीडियो हटाने के आदेशों में Information Technology Act 2000 की धारा 69(A) और धारा 79(3)(B) का उल्लेख किया गया है। धारा 69(A) सरकार को कुछ परिस्थितियों में ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक करने की शक्ति देती है। धारा 79(3)(B) के तहत प्लेटफॉर्म सरकार के निर्देश पर सामग्री हटाने पर दायित्व से मुक्त हो सकते हैं। साथ ही, Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धाराओं 353 और 356 का हवाला देते हुए आपराधिक मानहानि और वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया।
वीडियो में उठाए गए मुद्दे
कांग्रेस का कहना है कि हटाए गए वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते, रूस से तेल आयात, किसानों के हित और उद्योगपति अदानी से जुड़े मामलों जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए थे। पार्टी का दावा है कि ये विषय संसद और सार्वजनिक बहस का हिस्सा रहे हैं।
‘सहयोग’ पोर्टल पर सरकारी अधिकारी करेंगे निगरानी
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि सरकार ‘सहयोग’ नाम से एक नया पोर्टल लाने की तैयारी में है, जिसके माध्यम से सरकारी अधिकारियों को ऑनलाइन कंटेंट हटाने का अधिकार दिया जाएगा। कांग्रेस ने इसे “सेंसरशिप” बताया है।
