ईरान ने खाड़ी देशों में किया पलटवार

वॉशिंगटन/तेहरान, 3 मार्च 2026।
पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज़ हो गया है। सोमवार को Israel और United States ने Iran के कई सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह अभियान “कई सप्ताह तक चल सकता है” और आवश्यकता पड़ने पर और तेज़ किया जाएगा।

ईरान ने इन हमलों को “आक्रामक कार्रवाई” बताते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। तेहरान और उसके सहयोगी समूहों ने इज़राइल के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ खाड़ी देशों में स्थित रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, Qatar में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और Saudi Arabia में अमेरिकी दूतावास परिसर के आसपास मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएँ सामने आई हैं।

सैन्य अभियान कई सप्ताह तक जारी रहने के संकेत

व्हाइट हाउस के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय सैन्य नेटवर्क को कमजोर करना है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।

इधर, इज़राइली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की कई मिसाइल लॉन्च साइट और कमांड सेंटर को निशाना बनाया। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा, ऊर्जा बाजार प्रभावित

खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने एहतियातन हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि कतर और सऊदी अरब के तेल-गैस प्रतिष्ठानों पर हमलों से वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

क्षेत्रीय तनाव गहराया

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव लंबा खिंचता है तो इसका प्रभाव पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल वार्ता की अपील की है।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम और तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है।


By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।