नई दिल्ली/वॉशिंगटन।
नो क्वार्टर (No Quarter)” शब्द उस समय चर्चा में आ गया जब Pete Hegseth ने पेंटागन की एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका अपने दुश्मनों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई “नो क्वार्टर, नो मर्सी” के साथ जारी रखेगा। यह टिप्पणी ईरान पर किए गए हमलों के संदर्भ में दी गई थी।

बयान के बाद इस शब्द के अर्थ और इसके सैन्य-कानूनी निहितार्थ को लेकर बहस शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार “नो क्वार्टर” एक पुराना सैन्य शब्द है, जिसका मतलब होता है कि दुश्मन को कोई रियायत नहीं दी जाएगी और उसे जीवित नहीं छोड़ा जाएगा या आत्मसमर्पण करने पर भी दया नहीं दिखाई जाएगी

अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत युद्ध में “नो क्वार्टर” घोषित करना प्रतिबंधित माना जाता है, क्योंकि इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले सैनिकों को भी सुरक्षा नहीं मिलती।

हेगसेथ के बयान के बाद कई विश्लेषकों और नेताओं ने इस शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं और इसके कानूनी व नैतिक पहलुओं पर चर्चा तेज हो गई है।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।