स्वाध्याय से धैर्य और शांति मिलती है – मुनि आदित्य सागर
इंदौर। अंजनी नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर परिसर में ‘विद्या–विशुद्ध निलय’ भवन का शुभारंभ समाज श्रेष्ठी जितेंद्र पाटोदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि “स्वाध्याय से धैर्य और शांति मिलती है, मन एकाग्र रहता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान की संगत में रहोगे तभी भगवान बन पाओगे।” उन्होंने बताया कि नियमित स्वाध्याय व्यक्ति को सुरक्षित रखता है और दीक्षा के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के महामंत्री देवेंद्र सोगानी और प्रचार प्रमुख सतीश जैन के अनुसार, आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के पट्टाचार्य महोत्सव के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस भवन का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक संसद के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, आनंद गोधा और पूर्व अध्यक्ष कैलाश वेद मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान पिंकेश टोंग्या, डी.के. जैन, कमलेश कासलीवाल, महावीर जैन, शंभू सोगानी, महावीर काला, रमणीक जी और महेंद्र जैन सहित अनेक समाजजनों ने मुनि संघ को श्रीफल समर्पित किए।
भवन निर्माण में सहयोग देने वाले मुकेश-रेखा पाटनी, अपूर्व पंचोली और वत्सल काला का सम्मान भी किया गया। अंत में मंदिर के उपाध्यक्ष ऋषभ पाटनी ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस भवन में संतों की आहार चर्या के साथ मंदिर से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
