वोट चोरी और SIR से लेकर भ्रष्टाचार, अंकिता भंडारी को न्याय तथा उज्जैन में जमीन आवंटन और होटल निर्माण तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा
इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होने राष्ट्रीय राजनीति, मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था, कांग्रेस संगठन और उज्जैन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। । 17 अक्टूबर को दिग्विजय सिंह इंदौर प्रेस क्लब और स्टेट प्रेस क्लब के रूबरू कार्यक्रम में पत्रकारों से मुखातिब हुए । उन्होने 20 अक्टूबर से शुरू हो रही उनकी धार्मिक यात्रा के बारे में जानकारी दी और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये।
श्री सिंह ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मध्य प्रदेश पर करीब छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और चुनावी लाभ के लिए शुरू की गई लाड़ली बहना योजना अब सरकार के गले पड़ गई है, मोहन सरकार खुद इसे स्वीकार कर चुकी है । सिंह ने कहा कि बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण विकास के कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया है कि सदाचार ही भ्रष्टाचार बन गया है। उन्होने कहा कि पुलिस या प्रशासन कोई भी महकमा हो, ट्रांसफर के रेट लिस्ट तय है।
राम मंदिर चंदा चोरी में भी ज्ञानेश कुमार का हाथ
कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका और राष्ट्रपति को ऑनलाइन याचिका के माध्यम से ज्ञापन देने के अभियान की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और समर्थन देने के लिए 8982121282 नंबर पर मिस्ड कॉल करने की अपील भी की। श्री सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के समय ट्रस्ट के ट्रस्टी तत्कालीन सचिव ज्ञानेश कुमार थे। ज्ञानेश कुमार पर मुकदम दर्ज होना चाहिए।
अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने अंकिता के माता-पिता के धरने और मामले में कथित तौर पर भाजपा नेताओं के नाम सामने आने के संदर्भ में कार्रवाई की मांग का मुद्दा उठाया। इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी चर्चा के केंद्र में रही।
उज्जैन में जमीन आवंटन और महाकाल मंदिर के पास होटल निर्माण पर सवाल
उज्जैन से जुड़े मुद्दों पर भी दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने भारत न्यास को जमीन आवंटित किए जाने तथा महाकाल मंदिर के समीप सरस्वती शिशु मंदिर को तोड़कर होटल बनाए जाने के मामले पर अपनी आपत्ति और सवाल सामने रखे। धार्मिक नगरी उज्जैन में जमीन के उपयोग और मंदिर क्षेत्र के आसपास हो रहे निर्माण को लेकर उठाए गए इन सवालों ने स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
यात्रा का उद्देश्य बताया
पत्रकार वार्ता में ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की जानकारी भी साझा की गई। सिंह ने उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर की नगरी से अयोध्या में प्रभु श्रीराम की नगरी तक प्रस्तावित 930 किलोमीटर की ‘शिवधाम से रामधाम’ यात्रा के उद्देश्य और आयोजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
जेन-ज़ी के आंदोलनों की सराहना
युवाओं के आंदोलनों पर बोलते हुए सिंह ने जेन-ज़ी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवा अपने मुद्दों को लेकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाना महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस में घर वापसी पर बोले—विचारधारा से जुड़े रहना जरूरी
मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर दूसरे दलों में गए नेताओं की संभावित घर वापसी के सवाल पर सिंह ने कहा कि व्यक्ति को कुर्सी और पद के बजाय विचारधारा से जुड़ा रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ढुलमुल व्यक्तित्व वाले लोग हमेशा ढुलमुल रहते हैं। किसी नेता की वापसी का मामला आने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को संबंधित क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं से सलाह लेनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता रहे मौजूद
इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, के.के. मिश्रा, इंदौर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया और नीलाभ शुक्ला सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।
