महिला असुरक्षा से लेकर भागीरथपुरा जल त्रासदी तक, अलका लांबा ने उठाए कई गंभीर सवाल

इंदौर, 02 फरवरी 2026: अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा सोमवार को इंदौर पहुंचीं। इंदौर आने के बाद उन्होंने पहले उज्जैन जाकर श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए, इसके बाद सांवेर में मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी के साथ न्याय यात्रा में शामिल हुईं। निर्धारित समय से लगभग आधा घंटे की देरी से वे शाम करीब 4 बजे इंदौर प्रेस क्लब पहुंचीं, जहां उन्होंने पत्रकारों से खुलकर बातचीत की और केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला।

NARI (राष्ट्रीय महिला सुरक्षा) रिपोर्ट 2025 में 4- प्रतिशत महिलाएं शहरों में असुरक्षित महसूस करती हैं सार्वजनिक परिवहनों में” के प्रश्न पर अलका लांबा ने कहा कि “भारत मां की कोख में आज बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। ‘बेटी बचाओ’ जैसे नारे पूरी तरह खोखले साबित हो चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब बेटियों को भाजपा के विधायकों और सांसदों से बचाने की नौबत आ गई है। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, उन्नाव रेप केस (कुलदीप सेंगर), बिलकिस बानो प्रकरण, पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह, प्रसन्ना रेवन्ना, राम रहीम और आशाराम जैसे मामलों का उल्लेख किया।

लांबा ने कर्नाटक में अपनी सरकार की पीठ ठोकते कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां महिलाओं को सार्वजनिक बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

मध्यप्रदेश में पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से महिला आयोग में अध्यक्ष पद रिक्त होने को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। लांबा ने कहा कि “अपराधी भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए महिला आयोग पर ताला लगा दिया गया है। यदि आयोग सक्रिय होता, तो कई पीड़ित महिलाएं इन्हीं लोगों के खिलाफ न्याय मांगने आतीं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। लांबा ने कहा कि “प्रधानमंत्री का नाम एपेस्टीन फाइल में आना बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। मोदी को ऐसे अपराधी से संपर्क रखने की क्या जरूरत थी?” उन्होंने यह भी कहा कि देश में अपराध इसलिए नहीं रुक रहे हैं क्योंकि अपराधियों को फांसी जैसी सख्त सजा नहीं दी जा रही और उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

लांबा ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया और कहा कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के खिलाफ है।

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल कांड को लेकर अलका लांबा ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी नेताओं और मंत्रियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है, बावजूद इसके जल जीवन मिशन में 60 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए। लांबा ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है। 

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