इंदौर, 1 अप्रैल न्यूज़ओ2,

शहर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) में लावारिस एवं जरूरतमंद मरीजों की सेवा का मानवीय उदाहरण सामने आया है, जहां सामाजिक संस्था के युवा बेसहारा मरीजों के लिए परिवार की भूमिका निभा रहे हैं।

प्रीयु फाउंडेशन से जुड़े अजय नागदा ने बताया कि हाल ही में एक बुज़ुर्ग मरीज को 22 मार्च 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहती है और परिस्थितियों के चलते भारत नहीं आ सकी। उपचार के दौरान 1 अप्रैल को दोपहर करीब 1 बजे मरीज का निधन हो गया।

उन्होंने बताया कि भर्ती के बाद से ही संस्था के सदस्य आदिल शेख, अजय नागदा, प्रदीप यादव और विशाखा ने मरीज की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान भोजन, दवाइयों, जांच सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं तथा गंभीर स्थिति में चिकित्सकों के साथ समन्वय कर उपचार में सहयोग किया गया। अंतिम समय तक संस्था के सदस्य मरीज के साथ मौजूद रहे।

अजय नागदा के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी संस्था द्वारा एक अन्य लावारिस बुज़ुर्ग का उपचार कराया गया था, जिनकी मृत्यु के बाद परिजनों के निर्देश पर अंतिम संस्कार संस्था के सदस्यों ने ही किया था। उस समय मृतक के परिजन अमेरिका में निवासरत थे।

वर्तमान मामले में भी मृतक की बेटी को ऑस्ट्रेलिया में सूचना दे दी गई है। बेटी द्वारा अपने परिचितों को भेजकर अंतिम संस्कार कराने की बात कही गई है, जिसमें संस्था के सदस्य भी शामिल रहेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रीयु फाउंडेशन द्वारा अस्पताल में भर्ती लावारिस एवं जरूरतमंद मरीजों की नियमित रूप से सेवा की जाती है। संस्था के सदस्य दिन-रात मरीजों के भोजन, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति के साथ देखभाल में जुटे रहते हैं।

स्थानीय स्तर पर इस पहल को मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया जा रहा है, जहां युवा बेसहारा मरीजों के अपने बनकर उनका सहारा बन रहे हैं।