सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निपटाई, ‘लीव ग्रांटेड’ के साथ डिस्पोज; अब 2 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई

नई दिल्ली/इंदौर, 1 अप्रैल: धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका का निपटारा कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली शामिल थे, ने मामले में “लीव ग्रांटेड” करते हुए याचिका को डिस्पोज ऑफ कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट में यह विशेष अनुमति याचिका (SLP(C) No. 011468/2026) मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि 2 अप्रैल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में प्रस्तावित सुनवाई से पहले उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाए और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए सर्वे की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई जाए।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, मामला 1 अप्रैल 2026 को सूचीबद्ध हुआ और उसी दिन इसे “Leave Granted & Disposed off” श्रेणी में निपटा दिया गया।

मामले में प्रतिवादी के रूप में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस, रंजना अग्निहोत्री, आशीष गोयल, आशीष जनक, मोहित गर्ग, जितेंद्र सिंह विषेन, सुनील सरस्वत सहित केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), मध्य प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं।

हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की थी, जबकि हाईकोर्ट में अधिवक्ता विनय जोशी पक्ष प्रस्तुत करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका के निपटारे के बाद अब पूरा मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ में ही सुना जाएगा। इस प्रकरण में अगली और अहम सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इस सुनवाई को विवाद की आगे की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।